रांची। राजधानी रांची के अशोक वाटिका स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार रात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि 12 बजे शंख और घंटों की ध्वनि के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया गया। पूरा परिसर “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण हरे राम” के जयकारों से गूंज उठा। इस्कॉन मंदिर श्रद्धा का केंद्र बना रहा। रात 12 बजते ही जैसे कान्हा ने जन्म लिया, जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। जन्मोत्सव से पूर्व दोपहर में भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण, राधा और श्री श्री गौर निताई विराजमान रहे। यह रथयात्रा कमड़े आश्रम से ओटीसी ग्राउंड तक गई। मार्ग में हजारों श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन किए।कार्यक्रम के दौरान हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और आरती में भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों को राधा और कृष्ण के स्वरूप में सजाकर लाया गया, जिनकी झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत और कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे। इस्कॉन निदेशक भूपति गोविंद प्रभु ने आयोजन की जानकारी दी और इसे सफल बनाने में भक्तों के सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने छोटे बच्चों को विशेष रूप से कृष्ण और राधा का रूप देखकर भाव विभोर हो गए।
तस्वीरें मन मोह ली इस दौरान किसी को बालकृष्ण की वेशभूषा पहनाई गई तो किसी बच्ची को राधा बनकर लाया गया। इन बच्चों की प्रस्तुति से श्रद्धालु भी झूम उठे। श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए अच्छे कर्म करने और सही राह पर चलने का संदेश दिया। बच्चों को कान्हा का रूप देखकर लाने वाली माता ने कहा कि आज ऐसा लग रहा है जैसे भगवान स्वयं उनके घर अवतरित हो गए हो। बच्चों में कृष्ण ने बाल रूप श्री कृष्ण का प्रस्तुति देखकर लोगों का मन मोह लिया। वही वैष्णवी ने राधा बनकर ऐसा प्रस्तुत किया कि श्रद्धालु भी झूमने को मजबूर हो गए। । कार्यक्रम में अतिथि के रूप में, विशिष्ट अतिथि डॉ रोहित प्रसाद, एग्रीकल्चर प्रधान सचिव प्रदीप कुमार हजारी, सुमित सिंह, पंकज प्रसून आदि विशिष्ट भक्तगण मौजूद रहे। वही कार्यक्रम को सफल बनाने में गोपाल गौरांग दास, प्रेमानंद दास (सागर), कमल किशोर, नीरज, आनंद, रामचंद्र दास, रामरतन दास, सुप्रिया, अंतरा, शोभा, लालो, छोटू, अंकित, स्वीटी, शिवानी, शीतल, अंजलि आरती आदि भक्तगण सहभागिता रही।


