पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन के भीतर सीटों की खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने गठबंधन के शीर्ष नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर महागठबंधन को बचाना है तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जैसी पुरानी सहयोगी पार्टियों का सम्मान करना होगा।
पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस कभी गठबंधन तोड़ने वाली पार्टी नहीं रही है। वह हमेशा मर्यादा में रहकर साथ निभाती है, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि कोई बड़ी ताकत इस गठबंधन को तोड़ने में लगी है। उन्होंने कहा, “कल के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा।”
JMM द्वारा बिहार की 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर पप्पू यादव ने राजद नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि JMM के साथ 3-4 सीटों पर सम्मानजनक समझौता होना चाहिए था। “मैं लालू यादव से अपील करता हूं कि सहयोगियों को नजरअंदाज करने की पुरानी परंपरा छोड़ें। दूसरों से सीखें और JMM को फिर से गठबंधन में जोड़ें।”
उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन धर्म को मजबूत बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अगर किसी नेता के विचारों या सम्मान पर हमला होगा तो वे चुप नहीं बैठेंगे। “गठबंधन के भीतर भी मर्यादा और पारदर्शिता आवश्यक है,” उन्होंने जोड़ा।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सीधे नसीहत देते हुए पप्पू यादव ने कहा, “लालू जी अपने सहयोगियों के खिलाफ प्रत्याशी उतार रहे हैं, जो गलत है। यह उनकी पुरानी आदत है, जिसे अब छोड़ने की जरूरत है। जनता सब देख रही है और बिहार की राजनीति अब बदलने वाली है।”
पप्पू यादव ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और अब वह जाति और गठबंधन की सीमाओं से आगे सोच रही है। “लोग विकास चाहते हैं, न कि कुर्सी की राजनीति,” उन्होंने कहा।
इस बीच, कांग्रेस और राजद के बीच कई सीटों पर सहमति नहीं बन पाई है, वहीं JMM के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से महागठबंधन में असंतोष बढ़ गया है। ऐसे में पप्पू यादव का बयान गठबंधन की अंदरूनी असहमति को और गहराई से उजागर करता है।

