बड़कागांव (हजारीबाग)। प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा था। पानी की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई और दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अदाणी फाउंडेशन ने गोंदुलपारा खनन परियोजना के अंतर्गत विद्यालय परिसर में डीप बोरवेल का निर्माण कराया। इससे अब विद्यालय की 430 से अधिक बच्चियों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

पानी के साथ बदली पढ़ाई की तस्वीर

विद्यालय में डीप बोरवेल चालू होने के बाद छात्राओं को राहत मिली है। पहले जहां पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था, अब उसी समय का उपयोग पढ़ाई और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में हो रहा है। शिक्षकों और अभिभावकों ने इस पहल को छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर फोकस

अदाणी फाउंडेशन केवल पेयजल तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय में सोलर लाइट की व्यवस्था कराई गई है ताकि बिजली की समस्या पढ़ाई में बाधा न बने। बच्चियों को सिलाई मशीन प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित रूप से बच्चियों का ब्लड टेस्ट, सामान्य स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। आंखों की जांच कर जरूरतमंद छात्राओं को समय पर सलाह दी जाती है, वहीं उन्हें अपने ब्लड ग्रुप की जानकारी भी दी गई है। पिछले वर्षों में बच्चियों को जूते भी उपलब्ध कराए गए, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।

इकोनॉमिक्स में बेहतर प्रदर्शन की राह

विद्यालय में लंबे समय से इकोनॉमिक्स शिक्षक की कमी एक बड़ी समस्या थी, जिसका असर छात्राओं के अंकों पर साफ दिखता था। अदाणी फाउंडेशन ने इस कमी को समझते हुए पिछले दो वर्षों से वित्तीय सहयोग के माध्यम से इकोनॉमिक्स शिक्षक उपलब्ध कराया है। इसका सकारात्मक असर यह हुआ कि छात्राओं की समझ बढ़ी और इकोनॉमिक्स विषय में उनके अंक लगातार बेहतर हो रहे हैं।

स्कूल की प्रिंसिपल किरण कुमारी ने बताया कि अदाणी फाउंडेशन के विभिन्न कार्यों से स्कूल की छात्राओं को काफी लाभ हुआ है।

अदाणी फॉउंडेशन की ओर से पहले भी हरली है स्कूल में बेंच और डेस्क प्रदान किए गए थे। इसके अलावा अदाणी फॉउंडेशन की ओर से चंदौल मध्य विद्यालय को अब मॉडल स्कूल में तब्दील किया जाएगा।

जारी है अदाणी फाउंडेशन के अन्य सीएसआर कार्य

बड़कागांव प्रखंड में अदाणी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और कौशल विकास से जुड़े कई सीएसआर कार्य किए जा रहे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, छात्रों के लिए शैक्षणिक सहयोग, महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, बुनियादी सुविधाओं का विकास और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पहलों से क्षेत्र में सामाजिक विकास को नई दिशा मिली है और खासकर बेटियों के भविष्य को मजबूती मिली है।