रांची। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित जशीपुर में कुड़मी सेना द्वारा आयोजित ’स्वाभिमान समावेश’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भारी बारिश के बावजूद महिलाएं समेत सभी लोग कार्यक्रम में डटे रहे।

इस मौके पर सुदेश महतो ने कहा कि डेढ़ करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले कुड़मी समुदाय को तीन राज्यों–झारखंड, बंगाल और ओडिशा में बांट दिया गया है। कुड़मी समुदाय को दिशाहीन करने की साजिश अभी भी चल रही है। इसे पहचानना होगा। धीरे धीरे समाज में जागरूकता आ रही है और लोग साजिश को समझ रहे हैं।

श्री महतो ने कहा कि ओडिशा से उनका लगाव तीस वर्षों से है और झारखंड आंदोलन में आजसू के नेतृत्व में ओडिशा के आदिवासी–मूलवासी समुदायों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। श्री महतो ने कहा कि ओडिशा के कुड़मी समुदाय की अद्भुत एकजुटता और अपनी संस्कृति के प्रति सच्चा समर्पण उन्हें अभिभूत करता है।

पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए युवाओं और महिलाओं को आगे आना होगा। साथ ही अपनी संस्कृति और भाषा के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में आजसू महासचिव हरेलाल महतो, कुड़मी सेना के अध्यक्ष दिव्या सिंह महतो, सत्यनारायण महतो, अमित महतो, सविता महतो, कामिनी कांत महतो आदि उपस्थित थे।