एक लाख रुपए, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे
– बोकारो स्टील प्लांट से हैं सेवानिवृत्त, रांची के साहित्यकारों ने दी बधाई
रांची। हैदराबाद स्थित शकुंतला भुवनेश्वरी मैथिली-संस्कृत संवर्द्धन न्यास ने अपनी वार्षिक पुरस्कार की घोषणा कर दी है। तीन सदस्यीय समिति ने निर्णय लिया है कि मैथिली गद्य-पद्य में समान रूप से लिखने वाले सक्रिय लेखक, महाभारत जैसे शास्त्रीय साहित्य को मैथिली पटल पर हृदबद्ध रूप में निबद्ध करने वाले कवि बुद्धिनाथ झा को 2026 का शकुंतला-भुवनेश्वरी पुरस्कार एक सादे समारोह में प्रदान किया जाएगा।
पुरस्कार में एक लाख रुपए, शॉल, प्रशस्ति पत्र दिये जाएंगे। स्मरणीय है कि यह पुरस्कार न्यास की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाता है। मुख्य न्यासी श्री चन्द्र मोहन कर्ण ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।
बुद्धिनाथ झा का पैतृक घर मधुबनी जिले के नागदह में है। ये झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी करते थे। अभी अवकाश प्राप्ति के बाद साहित्य को पूरी तरह समर्पित हो चुके हैं।
वयोवृद्ध साहित्यकार बुद्धिनाथ को रांची विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफ़ेसर डा. नरेन्द्र झा, दूरदर्शन रांची केंद्र के पूर्व निदेशक प्रमोद कुमार झा, कृष्णमोहन झा मोहन, बदरीनाथ झा, अमरनाथ झा, डा. महेन्द्र, सुभाष चन्द्र यादव, केदार कानन, सुस्मिता पाठक, किसलय कृष्ण, डा. संजय वशिष्ठ और आशीष चमन आदि ने बधाई दी है।
इससे पहले यह पुरस्कार मैथिली के वरिष्ठ लेखक महेन्द्र, शिवशंकर श्रीनिवास, अशोक, जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल, सुभाष चन्द्र यादव, सुस्मिता पाठक और वीरेंद्र मल्लिक को मिल चुका है।

