रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में एनडीए विधायक दल की बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सचेतक नागेंद्र महतो, सीपी सिंह, शशिभूषण मेहता, देवेंद्र कुंवर, जनार्दन पासवान, आलोक चौरसिया, प्रदीप प्रसाद, रोशनलाल चौधरी, नीरा यादव, शत्रुघ्न महतो, अमित यादव, उज्जवल दास और मंजू देवी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया को बताया कि बैठक में राज्य सरकार की “विफलताओं” पर विस्तृत चर्चा की गई और सदन में जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के छह साल में राज्य “12 कदम पीछे” चला गया है और राज्य की वित्तीय स्थिति “दिवालिया” हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं के शिलान्यास के एक साल बाद भी धन उपलब्ध नहीं होने से कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
छात्रवृत्ति और परीक्षा शुल्क का मुद्दा उठाते हुए जायसवाल ने कहा कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्र बकाया छात्रवृत्ति के चलते पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और सरकार परीक्षा शुल्क बढ़ाकर “जले पर नमक छिड़क” रही है।
किसानों की समस्या पर भी उन्होंने राज्य सरकार को घेरा और कहा कि अच्छी पैदावार के बावजूद धान की खरीद नहीं होने से किसान बिचौलियों के हाथ औने–पौने दाम पर धान बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 3200 रुपए समर्थन मूल्य का वादा करने वाली सरकार 2400 रुपए में भी धान नहीं खरीद रही।
जायसवाल ने कहा कि 450 रुपए में गैस सिलेंडर, 15 लाख के स्वास्थ्य बीमा, 10 लाख नौकरी जैसे किसी भी वादे को सरकार पूरा नहीं कर पाई है। “यह सरकार पूरी तरह धोखेबाज साबित हुई है,” उन्होंने कहा।

