पटना : पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और सांसद तारिक अनवर को महागठबंधन का मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बताया है। इसके बाद विपक्षी गठबंधन में खलबली मच गई है। दरअसल यह है की विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में में कांग्रेस की अहम बैठक हुई थी। इसमें पप्पू यादव को भी बुलाया गया था। बैठक में पप्पू यादव ने कहा है कि वो बिहार चुनाव में किसी भी भूमिका के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जो भी भूमिका उन्हें दी जाएगी, वे उसे ईमानदारी से निभाएंगे। मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि बिहार में कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद के चेहरों की कमी नहीं है। पप्पू यादव ने सीएम पद के लिए कांग्रेस नेताओं के नाम का जिक्र कर दिया। इसके तहत उन्होंने बिहार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और सांसद तारिक अनवर के नामों का जिक्र किया। माना जा रहा है कि कांग्रेस पप्पू यादव को बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रमुख प्रचारकों की लिस्ट में शामिल कर सकती है। इस बयान से राजद के खेमे में बेचैनी देखी जा सकती है, जो तेजस्वी यादव को पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुकी है। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मंगलवार को एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि तेजस्वी ही महागठबंधन का चेहरा हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने पप्पू यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके कहने से कुछ नहीं होता है। यह कांग्रेस का आधिकारिक बयान नहीं है। तिवारी ने कहा कि 2020 में भी महागठबंधन का चेहरा तेजस्वी थे और 2025 में भी रहेंगे। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, खरगे या कांग्रेस के प्रभारी क्या बोल रहे हैं, यह मायने रखता है।

सोमवार को पप्पू यादव ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक की। निर्दलीय सांसद पप्पू पहली बार बिहार चुनाव पर कांग्रेस की बैठक में शामिल हुए। इस मीटिंग के बाद पूर्णिया सांसद ने कहा कि कांग्रेस से भी कई सीएम उम्मीदवार हैं। इस बयान से राजद के खेमे में बेचैनी देखी जा सकती है, जो तेजस्वी यादव को पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुकी है।