अनंतनाग: प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध झरनों का शहर

डेस्क : जम्मू-कश्मीर का अनंतनाग जिला न सिर्फ अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, बल्कि यह अपनी नैसर्गिक खूबसूरती और बहते झरनों के लिए भी प्रसिद्ध…

रोज़गार मेले में प्रधानमंत्री मोदी सौंपेंगे 51 हज़ार से अधिक नियुक्ति पत्र

नयी दिल्ली : पीएम नरेन्द्र मोदी शनिवार 12 जुलाई को 16 वें रोज़गार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से…

प्रेम के प्रतीक है ; सावन में सुहागिन महिलाओं की हरी-हरी चूड़ियां..

 डेस्क : सावन का महीना हिन्दू धर्म में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्‍व रखता है। यह महीना भगवान शिव की उपासना और सौभाग्य की कामनाओं के लिए समर्पित होता है।…

रांची में सावन स्पेशल व्यंजनों का बढ़ा क्रेज, स्वाद के दीवाने उमड़ रहे रेस्टोरेंट्स में

रांची : रांची के फूड लवर्स के लिए यह समय बेहद खास हो गया है। शहर के विभिन्न रेस्टोरेंट्स में लजीज और नए स्वाद वाले व्यंजनों की भरमार देखी जा…

क्या आप जानते है !रिवर्स मॉर्गेज स्कीम क्या है? आज ही तय करें ..

बुढ़ापे पर आमदनी का जरिया बढ़ती उम्र के साथ अक्सर इनकम सोर्स कम हो जाते हैं, जबकि वहीं सेहत से जुड़ी और तमाम समस्‍याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में रोजमर्रा…

देवघर में विराजते हैं स्वयं देवाधिदेव महादेव , “जहाँ जन्म से मृत्यु तक मनोकामना होती है पूरी”

आस्था डेस्क : पंडित कौशलेंद्र पाण्डेय सावन का महीना शुरू हो चुका है अगस्त महीने के 22 तारीख तक सावन मनाया जाएगा। दोस्तों, सावन के साथ अब शुरू हो जाएगी,…

पूर्व सांसद और इंटक नेता ददई दुबे का निधन

नई दिल्ली : झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व सांसद सह इंटक नेता ददई दुबे का दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल…

अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक शुरू

रांची : रांची के रेडिसन ब्लू होटल में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक शुरू हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक…

मोदी, शाह ने दी राजनाथ को जन्मदिन की बधाई

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को रक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। और देश को रक्षा क्षेत्र में…

गुरु पूर्णिमा -‘गुरू गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय’

डेस्क : भारत में हजारों साल से गुरु-शिष्य परंपरा चलती आ रही है। या यूं कहें कि फलती-फूलती और आगे बढ़ती रही है। हमारी संस्कृति ऐसी है जिसमें गुरु अपने…

Other Story

Follow by Email
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Share
Instagram
Telegram
WeChat
WhatsApp
Snapchat
FbMessenger