रांची : झारखंड कांग्रेस ने कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए राज्य के पूर्व मंत्री और ओबीसी नेता योगेंद्र साव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।

बताया गया है कि हजारीबाग के चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना विस्तार के तहत जोरदाग स्थित उनकी फायर क्ले फैक्ट्री की चिमनी और आवास को ध्वस्त किए जाने के बाद योगेंद्र साव ने राज्य सरकार, विशेषकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता माना।

झारखंड कांग्रेस अनुशासन समिति ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं महासचिव राकेश सिन्हा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि योगेंद्र साव पिछले कुछ दिनों से लगातार सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर महागठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे।

राकेश सिन्हा ने कहा कि इससे संगठन और महागठबंधन दोनों असहज हो रहे थे, जिसके चलते पार्टी ने यह सख्त निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी नेता द्वारा इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है।

इस कार्रवाई को झारखंड कांग्रेस के भीतर अनुशासन बनाए रखने के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।