रांची: झारखंड प्रदेश जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में भोजपुरी, मगही, अंगिका एवं उर्दू जैसी स्थानीय भाषाओं को शामिल करने की मांग की है।

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता सागर कुमार ने कहा कि झारखंड की उत्पत्ति बिहार से हुई है और प्रदेश की आधी से अधिक आबादी बोलचाल तथा पढ़ने-लिखने के लिए भोजपुरी, मगही, अंगिका एवं उर्दू जैसी भाषाओं का उपयोग करती है। उन्होंने कहा कि इन भाषाओं को जेटेट नियमावली में शामिल नहीं करना लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय के समान है।

उन्होंने बताया कि पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, कोडरमा, रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर, दुमका और गोड्डा सहित कई जिलों में इन भाषाओं का व्यापक रूप से उपयोग होता है। ऐसे में इन भाषाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल किया जाना आवश्यक है, ताकि स्थानीय भाषाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

जदयू ने राज्य सरकार से मांग की है कि जेटेट नियमावली में संशोधन कर जल्द से जल्द भोजपुरी, मगही, अंगिका एवं उर्दू भाषाओं को शामिल किया जाए, जिससे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।