रांची। आंध्र प्रदेश के पावन तीर्थ तिरुपति में आयोजित दो दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय संसदीय और विधायी समितियों के महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में झारखंड ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की। राज्य की ओर से गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने प्रतिनिधित्व किया। इस सम्मेलन में देश भर से आए गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कल्पना सोरेन ने सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संवेदनशील नेतृत्व में आधी आबादी को उनके हक-अधिकार, सशक्तिकरण और सम्मान देने का कार्य तेजी से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक और प्रभावी परिवर्तनों की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि देश की समस्त महिलाएं सशक्त हो सकें। उन्होंने आदिवासी समाज के दर्शन को उद्धृत करते हुए कहा कि पेड़ अपने तने से नहीं, बल्कि जड़ों से मजबूत होता है। उन्होंने महिलाओं को भारत की जड़ें बताते हुए जोर दिया कि शिक्षा, सम्मानपूर्ण जीवन, आर्थिक स्वतंत्रता और अवसरों के माध्यम से यदि आधी आबादी को पोषित किया जाए तो भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभरेगा। सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण के लिए नीतिगत और सामाजिक बदलावों पर विचार-विमर्श हुआ।