रांची : भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने आज झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर पलटवार करते हुए
कहा कि झामुमो अपने समर्थित उम्मीदवारों की सुनिश्चित हार को देखते हुए बौखलाहट में है और सत्ता और पावर का दुरूपयोग कर रहा है। कहा कि झामुमो नेता आज अन्य दलों पर जिसमें उनके सत्ताधारी गठबंधन के साथी कांग्रेस भी शामिल है पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगा रहे वहीं दूसरी ओर पहली बार झामुमो एक ऐसी पार्टी साबित हुई जिसने अपने पार्टी कार्यालय से पार्टी के चुनाव चिन्ह और बैनर तले आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई।

उन्होंने कहा कि झामुमो को अगर इतना ही शौक था तो भाजपा की मांग मानते हुए दलीय आधार पर चुनाव कराने का निर्णय करना चाहिए था। लेकिन झामुमो को भाजपा का डर यहां भी सता रहा था।
कहा कि तकनीक के इस युग में झामुमो की सरकार ने राज्य की जनता को निकाय चुनाव में बैलेट पेपर से चुनाव कराने को बाध्य कर दिया।जिसके पीछे की मंशा भी स्पष्ट है। राज्य सरकार पूरी तरह बूथ कैप्चरिंग की योजना तैयार कर रखी है। अपराधियों को इस काम में पूरी तरह लगाया गया है।वे काम में जुट भी गए हैं तथा भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।

डॉ वर्मा ने कहा कि झामुमो को इसके बावजूद हार का डर बना रहा इसलिए आज उसने खुल्लम खुल्ला पार्टी के बैनर से मतदाताओं को प्रभावित करने की चाल चली है। उन्होंने कहा कि रांची में उनके प्रत्याशी के जीतने वीके बाद तीन फ्लाईओवर निर्माण की घोषणा करना,नगर विकास विभाग को झामुमो का विभाग बताना जैसी घोषणाएं बयान पूरी तरह से चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास है।

कहा कि झामुमो नेता ने जिस प्रकार से राज्य के व्यायारियों के संबंध में बयान दिया वह सीधे तौर पर धमकी है। दूसरी ओर विदेश दौरे में व्यापारी वर्ग के लोगों को सीएम के साथ जाना,फिर ट्रांसपोर्ट नगर की सौगात देना जैसे बातों का उल्लेख प्रलोभन ही है।
डॉ वर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग को झामुमो के ऊपर सख्त कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करना चाहिए़।