रांची : संविधान में प्रस्तावित 130वें संशोधन को लेकर जहां विपक्षी दल लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं झारखंड प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) ने इसका समर्थन किया है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने इसे समय की मांग बताते हुए कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

श्री तिवारी ने कहा कि विपक्ष केंद्र सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए स्वयं को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के विचारों का संरक्षक बताने का प्रयास कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश भ्रष्ट नेता अपने और अपने परिवार को बचाने की जुगत में लगे रहते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीति का दुर्भाग्य है कि लगभग 90 प्रतिशत नेता भ्रष्टाचार की जकड़न में हैं। वे नहीं चाहते कि ऐसा कोई कानून बने जिसमें वे खुद फँस जाएँ। भ्रष्टाचार को वे अपना अधिकार मान बैठे हैं। यही कारण है कि 80 प्रतिशत से अधिक पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री जांच के घेरे में होने के बावजूद सत्ता का आनंद उठा रहे हैं।

जद(यू) नेता ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संशोधन का विरोध केवल इसलिए कर रहा है ताकि भविष्य में होने वाली जांच से बच सके और जेल जाने की नौबत न आए। उन्होंने कहा कि नेताओं का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे जेल में रहकर भी सरकार चलाना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं और इस्तीफा देने से इनकार करते हैं।

जनता दल (यूनाइटेड) का स्पष्ट मत है कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में इस संशोधन का पारित होना अत्यंत आवश्यक है। देश की जनता पारदर्शी और जवाबदेह राजनीति चाहती है, न कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली व्यवस्था।