नई दिल्ली : ईरान पर अमेरिका-इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गयी है। ईरान पर हमले पर प्रतिक्रिया देने में कई देशों ने जहां शब्दों के चयन में सावधानी बरती है तो कुछ देशों ने खुलकर विरोध किया है।


संयुक्त राष्ट्र समेत रूस, यूरोपीय संघ , चीन, दक्षिण अफ्रीका, उत्तर कोरिया, मलेशिया, चीन, ओमान, इराक आदि देशों ने रविवार को खुले शब्दों में ईरान पर हमले का विरोध किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस प्रमुख ने रविवार को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की निंदा की और क्षेत्र तथा दुनिया को ‘तबाही के कगार से वापस लाने’ के लिए तत्काल बातचीत शुरू करने का आह्वान किया।

श्री गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका-इजरायल का हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए ईरान के जवाबी हमलों की भी निंदा की।

रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने तो श्री खामेनेई की हत्या को ‘सनक में की गयी’ तक बता दिया। रूसी राष्ट्रपति ने श्री खामेनेई की मृत्यु को एक ऐसी हत्या बताया, जिसने ‘मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों’ का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि खामेनेई को रूस में एक ‘उत्कृष्ट राजनेता’ के रूप में याद किया जायेगा।

चीन ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग या इसकी धमकी का विरोध और निंदा करता है। सभी को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करना चाहिए।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा क्लास ने श्री खामेनेई के निधन को ‘ईरान के इतिहास में निर्णायक क्षण’ बताया। उन्होंने ‘एक्स’ कहा कि यूरोपीय संघ तनाव कम करने के लिए व्यावहारिक कदम खोजने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “आगे क्या होगा यह अनिश्चित है। लेकिन अब एक अलग ईरान के लिए रास्ता खुला है, जिसे आकार देने के लिए वहां के लोगों के पास अधिक स्वतंत्रता हो सकती है।”

वहीं इराक के प्रभावशाली धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र सहित अन्य इराकी नेताओं ने रविवार को श्री खामेनेई के निधन पर शोक जताया। ईरान के साथ अलग स्तर का संबंध रखने वाले शिया समूहों के सत्तारूढ़ गठबंधन, ‘कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क’ ने कहा, “अत्यधिक दुख और गहरी पीड़ा के साथ, हम शहीद नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं।” गठबंधन ने आगे कहा, ” उनका खून सभी पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश बना रहेगा और अभिशाप हमेशा के लिए हत्यारे जायोनी लोगों का पीछा करता रहेगा।” इसके साथ ही उन्होंने तीन दिन के शोक की घोषणा की।

ओमान, जो ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थता करता रहा है, ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई “अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों और दुश्मनी व रक्तपात के बजाय शांतिपूर्ण माध्यमों से विवादों को सुलझाने के सिद्धांत का उल्लंघन है।”

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि शत्रुता को तत्काल और बिना शर्त समाप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा, ‘मैं अमेरिका और ईरान से आग्रह करता हूं कि वे तनाव बढ़ाने के बजाय कूटनीतिक रास्ता अपनायें और अंतरराष्ट्रीय समुदाय बिना किसी दोहरे मानदंड के तत्परता से कार्य करे। इसके अतिरिक्त, इस समय मेरी चिंता ईरान और क्षेत्र के अन्य स्थानों में मलेशियाई नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। मैं इस संबंध में अगले कदमों पर क्षेत्रीय भागीदारों के संपर्क में रहूंगा।’

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को जारी बयान में राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने ईरान पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि ये घटनाक्रम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जिसके दूरगामी मानवीय, राजनयिक और आर्थिक परिणाम होंगे।

उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने तनाव कम करने और सार्थक बातचीत के लिए जगह बनाने हेतु राजनयिक प्रयासों को तेज करने की अपनी अपील दोहराई।

इससे पहले शनिवार को इस हमले की निंदा करने वालों में 22 देशों के अरब लीग , ब्राजील, क्यूबा, उत्तर कोरिया आदि कई देश शामिल थे।