रांची : पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने रविवार शाम कांके में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगड़ी के हल जोतो-रोपा रोपो आंदोलन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दमन और गिरफ्तारियों के बावजूद आदिवासी-मूलवासियों ने खेतों में हल भी जोता और धान की रोपाई भी की। चंपाई ने आरोप लगाया कि रिम्स टू के नाम पर जमीन अधिग्रहण की कोई अधिसूचना कभी नहीं आई, फिर भी सरकार ने बिना नोटिस अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा कि रिम्स टू का वे विरोध नहीं करते, लेकिन किसी को भूमिहीन भी नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि “झारखंडी का खेत चला जाएगा तो वह कहीं का नहीं रहेगा।” चंपाई ने बताया कि सुबह 7 बजे उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया था, लेकिन आंदोलन आदिवासी-मूलवासियों ने सफल बनाया। उन्होंने सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन और झारखंड की डेमोग्राफी बदलने पर भी चिंता जताई। चंपाई ने कहा, “हमारे पूर्वज बंदूक देखकर नहीं झुके, आज भी नहीं झुकेंगे।”

