देवघर। अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी श्री रवि ने स्पष्ट किया है कि दिनांक 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को “संपूर्ण देवघर बंद” के आह्वान से संबंधित जो सूचनाएं विभिन्न स्रोतों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं, वे भ्रामक हैं और कानूनसम्मत नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि श्री आशुतोष कुमार द्वारा किए गए पत्राचार के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा बंद का आह्वान किया गया है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के कई आदेशों के अनुसार सार्वजनिक बंद बुलाना या उसका आह्वान करना असंवैधानिक है।

अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के बंद से आमजनों के मौलिक अधिकारों, जैसे व्यापार करने का अधिकार और आवागमन की स्वतंत्रता का उल्लंघन होता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 के अंतर्गत प्रदत्त है। किसी को भी आम जनता को असुविधा पहुंचाने, या किसी नागरिक के जीवन, स्वतंत्रता एवं संपत्ति को खतरे में डालने अथवा जन-धन की हानि की स्थिति उत्पन्न करने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक सूचनाओं या अपीलों पर ध्यान न दें। देवघर अनुमंडल क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठान, यातायात, स्कूल एवं अन्य गतिविधियां सामान्य दिनों की तरह संचालित रहेंगी।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।