रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने भाजपा प्रवक्ता द्वारा झारखंड की विधि व्यवस्था पर दिए गए बयान को राजनीतिक प्रोपेगेंडा, भ्रामक प्रचार और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को झारखंड पर उंगली उठाने से पहले अपने शासित राज्यों की कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि कई भाजपा शासित राज्यों में अपराध की स्थिति अधिक चिंताजनक रही है।
सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि भाजपा झारखंड को बदनाम करने के लिए चुनिंदा आंकड़ों का सहारा ले रही है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलित उत्पीड़न, सांप्रदायिक हिंसा, हत्या, बलात्कार और संगठित अपराध के मामले लगातार राष्ट्रीय चिंता का विषय बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, असम और मणिपुर जैसे राज्यों में कानून व्यवस्था को लेकर समय-समय पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग झारखंड की तुलना उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से कर रहे हैं, लेकिन क्या भाजपा यह बताएगी कि जनसंख्या और संसाधनों के अनुपात में हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद महिला सुरक्षा, संगठित अपराध और अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार सवाल क्यों उठते रहे हैं? क्या भाजपा मणिपुर में महीनों तक चली हिंसा, हरियाणा में सांप्रदायिक तनाव और मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों पर भी उतनी ही मुखर रही है?
“झारखंड को बदनाम करना बंद करे भाजपा”
मुंजनी ने कहा कि गठबंधन सरकार अपराध नियंत्रण, पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में नक्सलवाद में ऐतिहासिक कमी आई है, पुलिस बलों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं तथा कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार अपराधियों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।
मुजनी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के पास जनता से जुड़े असली मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, आर्थिक बदहाली और युवाओं के भविष्य—पर बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह भय, भ्रम और नकारात्मक राजनीति के सहारे राजनीतिक जमीन तलाशने का प्रयास कर रही है। भाजपा को यह समझना चाहिए कि झारखंड की जनता केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि विकास, सामाजिक न्याय, रोजगार और स्थिर शासन चाहती है।
“भाजपा बताए, उनके शासनकाल में क्या स्थिति थी?”
मुंजनी ने भाजपा से सवाल किया कि आखिर वे यह क्यों नहीं बताते कि केंद्र सरकार के अधीन विभिन्न एजेंसियों और रिपोर्टों में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक तनाव भी बढ़ने की बात सामने आई है? भाजपा शासित कई राज्यों में हत्या, महिला अपराध, मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव के मामले गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। केवल राजनीतिक लाभ के लिए झारखंड की छवि खराब करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुंजनी ने कहा कि भाजपा को पहले अपने शासनकाल का भी आत्ममंथन करना चाहिए। झारखंड की जनता भूली नहीं है कि भाजपा शासन के दौरान भी राज्य में अपराध, मॉब लिंचिंग, महिला उत्पीड़न, प्रशासनिक अव्यवस्था और सामाजिक तनाव के कई मामले सामने आए थे। इसलिए भाजपा को दोहरे मापदंड छोड़कर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
अंत में सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि भाजपा को झारखंड की छवि धूमिल करने की राजनीति छोड़कर रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। जनता अब तथ्य और वास्तविकता समझती है तथा केवल राजनीतिक बयानबाजी से भ्रमित होने वाली नहीं है। झारखंड सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।