रांची। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत एयरपोर्ट स्थापित मोर्चा के बैनर तले सोमवार को नामकुम अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय घेराव-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में विस्थापित रैयत शामिल हुए। प्रदर्शनकारी नामकुम बाजार से पैदल मार्च करते हुए अंचल कार्यालय पहुंचे और विस्थापन से उत्पन्न समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक अंचल कार्यालय का घेराव किया गया।
प्रदर्शन के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी कमल किशोर सिंह से वार्ता की और आठ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। विस्थापितों ने मांग की कि एकल परिवार के आधार पर सर्वे कर प्रत्येक परिवार को 20-20 डिसमिल जमीन का सेटलमेंट करते हुए पुनर्वास किया जाए। साथ ही विस्थापितों के जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई।

मोर्चा ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय अस्थायी रूप से अधिकृत की गई जमीन को संबंधित रैयतों को वापस करने की मांग भी रखी। यदि उक्त जमीन सेना द्वारा अधिग्रहित की गई है तो उससे संबंधित दस्तावेज रैयतों को उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा एयरपोर्ट की चहारदीवारी के चारों ओर 20-20 फीट चौड़ी सड़क बनाने, रैयतों के मकान, कुआं और पेड़-पौधों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने तथा हॉल्ड किए गए खातों को चालू करने की मांग उठाई गई।
विस्थापितों ने पंजी-2 में ऑनलाइन दर्ज गड़बड़ियों को दूर करने और राज्य विस्थापन आयोग का गठन करने की भी मांग की।
अंचल अधिकारी कमल किशोर सिंह ने विस्थापितों की समस्याओं को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुना। उन्होंने मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। साथ ही भू-अर्जन कार्यालय से सेना के कब्जे अथवा अधिकृत जमीन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही।
मोर्चा अध्यक्ष अजित उरांव ने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विस्थापित एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन पर कब्जा कर घर-मकान बनाकर रहने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में मोर्चा के महासचिव सुरेश गोप, सचिव प्रकाश टोप्पो, उपाध्यक्ष निकोलस एक्का, पूर्व पार्षद पुष्पा तिर्की, संरक्षक सुखनाथ लोहरा, विनोद गाड़ी, बिरसा लिंडा, राधे तिर्की, बाहा उरांव, नमिता समेत बड़ी संख्या में विस्थापित रैयत मौजूद थे।

