जेपीएससी गड़बड़ी मामले में एल. खियांग्ते समेत पांच की जमानत पर 1 सितंबर को सुनवाई

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव एवं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर सोमवार को सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान सीआईडी की ओर से अदालत में केस डायरी पेश की गई।

लोक अभियोजक ने केस डायरी के अध्ययन और जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा। इसके बाद अदालत ने जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख निर्धारित की। एल. खियांग्ते की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने अदालत में पक्ष रखा।

जिन आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, उनमें एल. खियांग्ते, पवन सिंह, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी और सौरभ सुमन शामिल हैं।

10 अगस्त को हुई थी खियांग्ते की गिरफ्तारी

उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने एल. खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उन पर परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ पूरी होने के बाद से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

अभय तिवारी के बयान में खियांग्ते का नाम

सीआईडी के अनुसार, जेपीएससी नियुक्ति घोटाले के कथित किंगपिन अभय तिवारी ने अधिकारियों के समक्ष दिए अपने स्वीकारोक्ति बयान में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कथित तौर पर घोटाले में शामिल होने का उल्लेख किया है।

सीआईडी का दावा है कि अभय तिवारी के बयान में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में टीडीपीएल के चयन में एल. खियांग्ते की अहम भूमिका होने की बात भी सामने आई है। अब अदालत में 1 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सीआईडी के जवाब और आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की दलीलें महत्वपूर्ण होंगी।