रांची। झारखंड विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए), झारखंड शाखा की वार्षिक आम बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत झारखंड विधानसभा अध्यक्ष सह सभापति, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो के प्रारंभिक वक्तव्य से हुई।
अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की स्थापना और उसकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1911 में गठित यह संगठन आज 56 देशों का एक विशाल मंच बन चुका है, जो संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन माना जाता है। यह संगठन सुशासन, लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विधायिकाओं की क्षमता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जैसे बड़े मंच में केवल उपस्थिति दर्ज कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे सम्मेलनों के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में अपनी भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाए, इस पर भी गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। आगामी सम्मेलन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सीपीए का 69वां सम्मेलन केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वर्तमान में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का प्रभाव विश्व के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। महंगाई बढ़ने और गैस की किल्लत जैसी समस्याओं का सामना आम लोगों को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बाद राष्ट्रमंडल संसदीय संघ विश्व का दूसरा व्यापक लोकतांत्रिक मंच है, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना तथा मानवाधिकारों और समावेशी शासन को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को केवल मूक दर्शक बने रहने के बजाय युद्ध समाप्त कराने और वैश्विक शांति स्थापित करने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
बैठक के दौरान सीपीए झारखंड शाखा के पूर्व सदस्य रामदास सोरेन और रामचंद्र नायक के निधन पर एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
प्रभारी सचिव, झारखंड विधानसभा सह सचिव, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा रंजीत कुमार ने बैठक में वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि झारखंड शाखा के सदस्यों की वर्तमान संख्या 146 है।
बैठक में मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह, सांसद चंदन प्रकाश चौधरी, सदस्य चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, रामचंद्र सिंह, डॉ. नीरा यादव, राज सिन्हा, उदय शंकर सिंह, सबिता महतो, नागेन्द्र महतो, नमन बिक्सल कोनगाड़ी, भूषण बड़ा़ सहित कई वर्तमान एवं पूर्व सदस्य तथा झारखंड विधानसभा के अधिकारी उपस्थित रहे।

