(लेखक -विजय शंकर नायक )

रांची: वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय शंकर नायक ने केंद्र की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और Narendra Modi सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती आर्थिक असमानता को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2014 में “अच्छे दिन” का सपना दिखाकर जनता से बड़े वादे किए गए थे, लेकिन एक दशक बाद आम नागरिक खुद को आर्थिक संकट के बीच खड़ा पा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता को उम्मीद थी कि महंगाई कम होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा, किसानों की आय बढ़ेगी और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, लेकिन आज हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार आम आदमी की आय लगभग स्थिर है, जबकि घर चलाने का खर्च कई गुना बढ़ चुका है।

विजय शंकर नायक ने बेरोजगारी को देश के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, पेपर लीक और रिक्त पदों को नहीं भरने जैसी समस्याओं ने युवाओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा कि संविदा आधारित नौकरियों और निजी क्षेत्र में अस्थिर रोजगार ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 2014 की तुलना में 2024 तक ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उनके अनुसार डीजल महंगा होने का सीधा असर परिवहन, खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरतों पर पड़ता है, जिससे आम परिवारों की रसोई प्रभावित होती है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई बार घटीं, तब जनता को राहत क्यों नहीं दी गई।

LPG गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देना सकारात्मक पहल थी, लेकिन गरीब परिवारों के लिए सिलेंडर भरवाना आज बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने दावा किया कि गांवों में कई परिवार फिर से लकड़ी और उपलों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि देश “विश्वगुरु” बनने की बात कर रहा है, लेकिन आम आदमी की थाली लगातार छोटी होती जा रही है। नायक ने केंद्र सरकार से महंगाई और बेरोजगारी पर ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि जनता अब जवाब चाहती है कि आखिर उसके “अच्छे दिन” कब आएंगे। (यह लेख लेखक के निजी विचार हैं। लेख में व्यक्त मत एवं आंकड़ों के लिए लेखक स्वयं जिम्मेदार हैं। )