इस मामले में सरकार की व्याकुलता देख सरकार की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी
प्रदेश प्रवक्ता ने की RIMS-2 परियोजना की संपूर्ण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग
रांची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा RIMS-2 का निर्माण नगड़ी की उपजाऊ भूमि पर किये जाने पर सवाल उठाया है।
श्री सिंह ने कहा कि झारखंड़ एक पठारी क्षेत्र होने के कारण कृषि भूमि की कमी का दंश झेल रहा है। उसपर भी थोड़ी बहुत कृषि भूमि है तो उसपर बड़ी बड़ी बिल्डिंग का निर्माण कर उपजाऊ भूमि को नष्ट किया जाना झारखंड़ सरकार की नासमझी को दर्शाता है।
उन्होंने रिम्स-2 निर्माण परियोजना के निर्माण, पारदर्शिता, जबाबदेही पर कई गंभीर सवाल खड़ा किये हैं।
उन्होंने RIMS-2 परियोजना के डिजाइन, निर्माण योजना तथा प्रशासनिक स्वीकृतियों को लेकर भी कई सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के मूल डिजाइन अथवा स्वीकृत योजना में किसी प्रकार का परिवर्तन किया गया है तो यह किसके निर्देश पर किया गया है, सरकार इसे स्पष्ट करे। साथ ही यह भी बताया जाए कि इन परिवर्तनों के कारण परियोजना लागत में कितना अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है।
अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में कृषि योग्य एवं उपजाऊ भूमि सीमित मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि RIMS-2 के निर्माण के लिए इसी भूमि का चयन क्यों किया गया। क्या सरकार ने किसी वैकल्पिक, अनुपयोगी अथवा बंजर भूमि का सर्वेक्षण किया था? यदि किया गया था तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी अनिवार्यता थी जिसके कारण उपजाऊ भूमि को ही परियोजना के लिए चुना गया।
उन्होंने कहा कि परियोजना स्थल के चयन को लेकर आम लोगों के बीच अनेक प्रकार की चर्चाएं और शंकाएं व्याप्त हैं। जनता यह जानना चाहती है कि क्या भूमि कारोबारियों अथवा बिचौलियों के प्रभाव में आकर यह निर्णय लिया गया है। सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ यह बताना चाहिए कि परियोजना क्षेत्र और उसके आसपास की भूमि के मूल्य में हुई वृद्धि से किसे लाभ पहुंचने वाला है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि परियोजना की घोषणा से पूर्व और उसके बाद आसपास के क्षेत्रों में हुई भूमि खरीद-बिक्री का पूरा विवरण क्या है। यदि किसी जनप्रतिनिधि, प्रभावशाली व्यक्ति, पदाधिकारी अथवा उनसे जुड़े व्यक्तियों ने वहां भूमि का निवेश किया है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि जनता के मन में उत्पन्न सभी संदेह समाप्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि RIMS-2 जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना का उद्देश्य जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि किसी विशेष वर्ग या हित समूह को लाभ पहुंचाना। इसलिए सरकार को परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजाइन परिवर्तन, प्रशासनिक स्वीकृतियां, भूमि चयन के आधार तथा व्यय संबंधी विवरण सार्वजनिक करने चाहिए।
अविनेश कुमार सिंह ने मांग की कि RIMS-2 परियोजना की संपूर्ण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में भूमि चयन, डिजाइन परिवर्तन, प्रशासनिक स्वीकृतियां, वित्तीय निर्णय तथा परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता, पक्षपात अथवा जनहित की उपेक्षा पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इन प्रश्नों के उत्तर चाहती है और लोकतंत्र में सरकार का दायित्व है कि वह जनता के प्रति जवाबदेह बने। भारतीय जनता पार्टी इस विषय को जनहित का मुद्दा मानते हुए जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी जनजागरण एवं जनआंदोलन भी चलाएगी।

